अंकिता रैना का ग्रैंडस्लैम खेलने का सपना फिर अधूरा, ऑस्ट्रेलियाई ओपन क्वालीफायर के आखिरी दौर में हारी

अंकिता रैना (Ankita Raina) का ग्रैंडस्लैम एकल मुख्य ड्रॉ में खेलने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया. वह बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई ओपन (Australian Open) क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के आखिरी दौर में सर्बिया की ओल्गा डानिलोविच से हार गई.

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दुबई में चल रहे महिला एकल क्वालीफायर में अंकिता को तीसरे और आखिरी दौर में सर्बियाई खिलाड़ी ने दो घंटे में 6-2, 3-6, 6-1 से मात दी. अंकिता अपनी पहली सर्विस पर अंक नहीं बना पाई जिसका उन्हें नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिद्वंद्वी ने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया.

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अंकिता ने मैच के बाद पीटीआई से कहा कि दोनों ने अच्छी टेनिस खेली. पहले सेट में उच्चस्तर का खेल हुआ. वह अच्छी सर्विस कर रही थी और अपनी सर्विस पर अंक बना रही थी.

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उन्होंने आगे कहा, ‘दूसरे सेट में मैं उसकी सर्विस को अच्छी तरह से समझने लगी और मैंने जवाबी रिटर्न किए जिसका मुझे फायदा मिला. उसने तीसरे सेट में शुरू से ही अच्छी सर्विस करके 3-0 से बढ़त बनाई. उसके स्ट्रोक और सर्विस तेज थे. मैंने हालांकि आखिर तक हार नहीं मानी और मुझे इस पर गर्व है. ‘अंकिता का ग्रैंडस्लैम के मुख्य दौर में जगह बनाने का यह छठा प्रयास था.

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अंकिता के पास अभी भी है मौका

अंकिता को हालांकि अब भी मुख्य ड्रा में जगह बनाने की उम्मीद है क्योंकि आयोजकों ने अंतिम दौर में हारने वाले खिलाड़ियों को मेलबर्न ले जाने की योजना बनाई है ताकि किसी खिलाड़ी के हटने की स्थिति में उन्हें ‘लकी लूजर’ के तौर पर मुख्य ड्रॉ में जगह दी जा सके. अंकिता ने कहा, ‘वे (आयोजक) मुझे मेलबर्न ले जा रहे हैं और कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए कुछ खिलाड़ी हट सकते हैं. मैं कतार में सातवें स्थान पर हूं. मुझे अब भी उम्मीद है.’

अगर अंकिता को ड्रॉ में जगह नहीं मिलती तो फिर सत्र के पहले ग्रैंडस्लैम में एकल वर्ग में भारत की उम्मीदें सिर्फ सुमित नागल पर टिकी रहेंगी. उन्हें पुरुष एकल में वाइल्ड कार्ड मिला है. रामकुमार रामनाथन पुरुष एकल क्वालीफायर के पहले दौर में हार गए जबकि प्रजनेश गुणेश्वरन को दूसरे दौर में पराजय झेलनी पड़ी.

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